Friday, 25 May 2018

अकबर का दिया कलंक 400 साल बाद धो दिया योगी आदित्यनाथ ने.. माँ गंगा की नगरी का नाम इलाहाबाद से बदल कर किया "प्रयागराज"



भारत देश के उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित इलाहाबाद में बहती हुई गंगा हिंदू समुदाय के लिए काफी पूजनीय है परंतु पूजनीय होने के बावजूद कई बार हिंदू समुदाय संगम नगरी के नाम से दुखी था।

क्योंकि इलाहाबाद नाम मुगलों की देन था जिसके कारण हिंदू समाज विगत कई वर्षों से इस शहर का नाम बदलने के लिए प्रयत्नशील था। परंतु अपने आप को सेकुलर कहने वाली सरकारे तुष्टिकरण के कारण इस पर कोई फैसला नहीं ले पाई परंतु जब से उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है और जब से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ बने हैं तब से उत्तर प्रदेश की जनता को इलाहाबाद का नाम बदले जाने की उम्मीद थी और यह उम्मीद अब सच्चाई में बदल चुकी है।

जी हां अब से इलाहाबाद इलाहाबाद नहीं बल्कि अपने सदियों पुराने नाम "प्रयागराज" के नाम से जाना जाएगा।
पाठकों की जानकारी के लिए बता दें कि पहले इलाहाबाद का नाम प्रयागराज था लेकिन क्रूर और जालिम मुस्लिम शासक अकबर ने प्रयागराज का नाम हिंदुओं को चिढ़ाने के लिए इलाहाबाद रख दिया था। यह कलंक हिंदू समुदाय पिछले 400 सालों से ढो रहा था जो अब जाकर धुल गया है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री माननीय केशव प्रसाद मौर्या ने एएनआई चैनल को दिए बयान में कहा कि इलाहाबाद का वैदिक नाम प्रयागराज है इसलिए अब इस शहर को प्रयागराज के नाम से ही जाना जाएगा। हम इलाहाबाद को उसका मूल नाम वापस कर रहे हैं जो पहले की सरकारों ने तुष्टीकरण के कारण नहीं किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री माननीय केशव प्रसाद मौर्या के इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश का हिंदू समुदाय खुशी से झूम उठा है और इसे योगी आदित्यनाथ का रामराज्य की तरफ एक बड़ा कदम बताया है।