Friday, 25 May 2018

रोड के बाद अब कोर्ट में भी होने लगी नमाज, हिंदुओं ने किया विरोध



यह मामला गुजरात राज्य के वडोदरा शहर के दिवालीपुर कोर्ट का है जहां पर कुछ लोगों द्वारा रमजान का बहाना बनाकर वकीलों की लाइब्रेरी वाले रूम में नमाज पढ़ने वाला वीडियो वायरल हो गया।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद यह मामला पूरे वडोदरा शहर में चर्चा का विषय बन गया। लोगों का कहना है कि यह लोग जब कोर्ट रूम में नमाज पढ़ते हैं तब अल्लाह हू अकबर की आवाज बाहर तक सुनाई देती है। नमाज पढ़ने वाले में कुछ मुस्लिम वकील और आम मुस्लिम नागरिक भी शामिल है।

यह वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस प्रकार के कृत्य की आलोचना की। कुछ लोगों ने कहा कि आज यह लोग यहां नमाज पढ़ रहे हैं कल को क्या पता यह लोग माइक और लाउडस्पीकर की मांग भी करने लगे। नमाज पढ़ने वाले इस वीडियो के वायरल होने के बाद वड़ोदरा शहर के पुलिस अधिकारी भी अलर्ट हो गए थे।

कोर्ट में नमाज पढ़ना योग्य नहीं है। इस संदर्भ में अदालत ने भी निर्णय दिया हुआ है कि सार्वजनिक रास्ते और दूसरों को तकलीफ हो ऐसी प्रार्थना ना की जाए। नमाज पढ़ना हो तो मस्जिद में जाना चाहिए - अजय जोशी सीनियर एडवोकेट

कोर्ट न्याय का प्रतीक है जहां कोई भी धार्मिक काम नहीं होना चाहिए। संसद में या न्यायपालिका में कहीं भी प्रार्थना या नमाज नहीं होती। नमाज के लिए मस्जिद है वहां जाकर नमाज पढ़ी जानी चाहिए। नहीं तो आगे जाने पर लोग यह भी कहेंगे कि हमें गणपति की स्थापना करनी है, जन्माष्टमी मनानी है, जिसके कारण कोर्ट विवादों में आएगा। अगर कोर्ट में नमाज पढ़ना बंद नहीं हुआ तो हम भी अपने हिंदू साथियों के साथ कोर्ट में ही महा आरती और रामधुन करेंगे - ज्योतिंद्रनाथ, संत